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किसानों के अरमानों पर पानी





 

देखिए वीडियो में पानी से लबालब फसलें

Chandigarh, 24 Sep, 2018 NewsRoots18
भारी बरसात ने हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में तबाही मचा दी है। चारों तरफ जल-थल एक नजर आने लगा है। पंजाब में रेड अलर्ट जारी किया गया है। पांचों दरिया उफान पर हैं। डिजास्टर कंट्रोल रूम एक्टिवेट कर दिए गए हैं। पंजाब सरकार ने सेना से भी तैयार रहने के लिए आग्रह किया है। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है। कर्जे में दबे किसान बेहाल हैं। 



इंद्रदेव बेमौका का कुपित हो गए हैं... आसमान से आफत बरस रही है। भारी बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसके चलते पंजाब की पांचों नदियां उफान पर हैं और हरियाणा की भी तमाम बरसाती नदियों में जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके अलावा निचले इलाकों में जलभराव बढ़ गया है और जलस्तर भी तेजी से ऊपर आ रहा है। नतीजतन परेशानी बढ़ गई है। पंजाब सरकार द्वारा बकायदा सोमवार को भी रेड अलर्ट जारी किया गया। तमाम डिजास्टर कंट्रोल रूम एक्टिवेट कर दिए गए हैं। रेस्क्यू टीम को तैयार किया गया है। बोट भी तैयार हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह खुद बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं।



तीन दिन से जारी भारी बरसात ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। धान का कटोरा कहे जाने वाले पंजाब और हरियाणा में लाखों हेक्टेयर धान की फसल पककर कटाई के लिए लगभग तैयार थी, लेकिन रविवार से शुरू हुई बारिश ने किसानों के सपनों को ध्वस्त कर दिया है। लगातार हो रही तेज बारिश से खेतों में पानी भर कर खड़ा हो गया है। कटाई के लिए लगभग तैयार लाखों हेक्टेयर धान की फसल तूफान और बारिश के चलते जमीन पर बिछ गई है। पानी भरने के कारण अब धान के पके हुए दानों के अंकुरित होने की आशंका है। जो धान पानी में डूब गए हैं, वे अंकुरित होकर खराब हो जाएंगे। इसके अलावा जो अधपकी फसल है,उसके दाने भी काले पड़ने की आशंका है।


इससे धान की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा और उत्पादन भी काफी हद तक प्रभावित होगा इसको लेकर किसान खासे चिंतित हैं। बारिश के कारण आप किसानों को अपनी फसल मंडी तक ले जाना इतना आसान नहीं होगा।


कर्ज के बोझ तले दबे किसान अब बारिश की मार से टूटने लगे हैं। दरअसल मोटी लागत और खून पसीने की मेहनत से तैयार फसल एन वक्त पर बारिश और तूफान ने अपनी चपेट में ले ली है। पंजाब में किसानों की आत्महत्या का मामला पूरे देश और दुनिया में सुर्खियों में है। अब कर्जमंद किसानों के अरमानों पर बरसात ने पानी फेर दिया है। ऐसे में कर्ज मंद किसान किस तरह से ऊबर पाएंगे, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अब किसानों को फसल बीमा योजना और सरकार से ही उम्मीद है।


भारी बरसात के कारण खेतों में न केवल धान की फसल बर्बाद हुई बल्कि सब्जियों की फसलें भी पानी में डूब गई हैं आलू की फसल भी जलभराव की चपेट में है इसके अलावा तोरई और लौकी की फसलें भी बरसात में बर्बाद हो गई हैं ऐसे में आने वाले एक-दो दिनों में इसका असर सब्जी के रेट ओं पर भी दिखाई देगा फिलहाल किसान आसमान से राहत की उम्मीद कर रहा है लेकिन इसके विपरीत ऊपर से केवल आप ही बरस रही है लाचार किसान को अब सरकार और बीमा कंपनियों से ही दरकार है


 कुदरत पर बेशक किसी का जोर नहीं हो लेकिन भयंकर बरसात से बर्बाद हुई फसलों के नुकसान की भरपाई का प्रावधान जरूर है, लेकिन अब यह सरकारों पर निर्भर करता है कि वह आखिर किस तरह से बीमा कंपनियों पर शिकंजा कस किसानों को मुआवजा दिलाने में कामयाब होती हैं।

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