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खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट ने आगामी चुनाव को लेकर भजपा की बढाई मुश्किलें






Jaipur, 20 Sep, 2018 NewsRoots18
 विधानसभा चुनाव दिसम्बर में होने की सम्भावना है। अभी तक निर्वाचन आयोग ने चुनाव का समय निश्चित नहीं किया है। राजस्थान की दो प्रमुख पार्टियां बीजेपी और कॉंग्रेस में मुकाबला कड़ा होने वाला है।ऐसा राजस्थान की खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट  कहती है।

राजस्थान की खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल बना हुआ है। कार्यकर्ता स्वयं को सरकार और संगठन से दूर महसूस करते है। इस रिपोर्ट ने सरकार और भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को मुश्किलें बढ़ सकती है।  


कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी 
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार भाजपा कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है । कार्यकर्ता खुद को सरकार और संगठन से दूर महसूस कर रहा है। आम मतदाताओं में भी मंत्रियों और विधायकों को लेकर जबरदस्त नाराजगी है। लोगों में पीएम नरेन्द्र मोदी का क्रेज तो है,लेकिन राज्य सरकार से नाराजगी अधिक है। 

भाजपा का परम्परागत वोट बैंक भी नाराज 
एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज़ रूट्स 18 को बताया कि रिपोर्ट में भाजपा के परम्परागत वोट बैंक राजपूत समाज की राज्य सरकार के प्रति नाराजगी के साथ ही एससी,एसटी एक्ट के चलते अन्य सवर्ण जातियों में नाराजगी के कारण भाजपा को नुकसान हो सकता है।

प्रदेश में सत्तापक्ष के वर्तमान हालत 
सीएम वसुंधरा राजे की "राजस्थान गौरव यात्रा "प्रारम्भ होने के बाद से लेकर 5 सितम्बर तक खुफिया एजेंसी द्वारा आम लोगों का मानस टटोला गया।

भाजपा के लिए राहत 
वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की महिलाओं में अभी भी लोकप्रियता बनी हुई है। वसुंधरा राजे की धार्मिक छवि और भाषण के दौरान दिए जाने वाला पर्सनल टच महिलाओं में उनकी लोकप्रियता का कारण बताया गया है। 

इस रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान हालात में प्रदेश में कांग्रेस को भाजपा से आगे बताया गया है। रिपोर्ट में 200 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 80 से 85 और कांग्रेस को 95 से 100 विधानसभा सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार  वर्तमान हालात में प्रदेश में कांग्रेस को भाजपा से आगे बताया गया है। रिपोर्ट में 200 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 80 से 85 और कांग्रेस को 95 से 100 विधानसभा सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। 

शेष सीटें अन्य दलों एवं निर्दलीयों के खाते में जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस,बसपा और शरद यादव के नेतृत्व वाले लोकतांत्रिक जनता दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की स्थिति में भाजपा की सीटों में और कमी होने की बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के युवा मतदाताओं में पीएम नरेन्द्र मोदी का क्रेज अभी भी बरकरार है। संभावना जताई गई है कि मोदी की चुनावी यात्राओं से माहौल बदल भी सकता है।

मेवाड़ और जयपुर जिले में भाजपा को आगे बताया गया
रिपोर्ट में मेवाड़ (उदयपुर संभाग) में भाजपा को अभी भी कांग्रेस से आगे बताया गया है। उदयपुर संभाग के छह जिलों की 28 विधानसभा सीटों में से 17 सीटों पर भाजपा को मजबूत स्थिति में बताया गया है । वहीं 9 सीटों पर कांग्रेस और दो सीटों पर समाजवादियों को प्रभावी बताया गया है। जयपुर जिले की 19 विधानसभा सीटों में से 9 से 11 सीटों पर भाजपा को मजबूत स्थिति में बताया गया है। वहीं शेखावाटी,जोधपुर संभाग और बीकानेर संभाग में भाजपा के मुकबाले कांग्रेस को आगे बताया गया है ।कोटा और भरतपुर संभाग में मुकाबला बराबर का होने की बात कही गई है। 

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