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हरियाणा असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का होगा गठन-CM





Karnal, 17 Sep, 2018 NewsRoots18
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को करनाल में विश्वकर्मा जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित श्रमिक दिवस समारोह में श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा रखी गई 33 मांगों को भी मौके पर ही मांते हुए जल्द लागू करने का आसवाश्न दिया। 

 प्रदेश के असंगठित श्रमिकों को मनोहर सौगात देते हुए ‘हरियाणा असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड’ के गठन की घोषणा की। यह बोर्ड असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले श्रमिकों के कल्याण के कार्य करेगा। इसके साथ ही सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत 60 वर्ष की आयु से अधिक श्रमिकों को बोर्ड की ओर से मिलने वाली 1000 रुपये की मासिक पेंशन को बढ़ाकर 2500 रुपये करने की घोषणा की।  उन्होंने कहा कि श्रमिकों के संगठित और असंगठित दो क्षेत्र हैं। हरियाणा में लगभग 25 प्रतिशत श्रमिक संगठित क्षेत्र में और 75 प्रतिशत श्रमिक असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे बहुत से श्रमिक असंगठित क्षेत्र, विषेशकर भवन निर्माण क्षेत्र में काम करते हैं। आज प्रदेश के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में 7 लाख 76 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। जिनमें से 5 लाख 8 हजार से अधिक सदस्य सक्रिय हैं। इनके तथा इनके परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं। 

मुख्यमंत्री ने देश में श्रमिकों के स्वास्थ्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली एक नई योजना की जानकारी देते हुए बताया कि  23 सितंबर से केंद्र सरकार वर्ष  2014 के एसईसीसी डाटा के आधार पर गरीब परिवारों के लिए 5 लाख रुपये सालाना स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिये जाएंगे। उन्होंने बताया कि हरियाणा में एसईसीसी डाटा के आधार पर इस समय 14 लाख गरीब परिवार हैं। जिनमें से साढ़े 8 लाख परिवारों को इस योजना का  लाभ मिलेगा। लेकिन जो परिवार किसी कारणवश  एसईसीसी डाटा में नहीं आ पाए हैं, उन श्रमिक परिवारों को सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से 5 लाख रुपये की राशि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दी जाएगी। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रमिकों के कल्याण के लिए सबसे पहला कदम न्यूनतम वेतन की  विसंगतियों को दूर करने का उठाया। आज हरियाणा अधिकतम न्यूनतम वेतन देने वाले राज्यों में से एक है। आज प्रदेश में अकुशल श्रमिकों का वेतन 8542 रुपये मासिक है। यानी कि उसे 329 रुपये की दिहाड़ी मिलती है। हमने चुनाव के समय 300 रुपये दैनिक वेतन देने की घोषणा की थी और उसे पूरा किया है।

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