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पंजाबियों का मिशन 'टिकट'






Chandigarh, 20 Sep, 2018 NewsRoots18.com
चुनाव नजदीक आते ही पंजाबी समुदाय के नेताओं ने टिकटों के लिए राजनीतिक दलों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। हरियाणा पंजाबी वेलफेयर सभा के बैनर तले पंजाबी नेताओं ने एकजुट होकर चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पंजाबी नेताओं ने हरियाणा में 4 लोकसभा सीटों और 40 विधानसभा सीटों पर पंजाबी समुदाय के लोगों को टिकट देने की मांग की। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जो भी राजनीतिक दल पंजाबियों को उनका पूरा प्रतिनिधित्व देगा वह उसी के साथ खड़े होंगे। जल्द ही एक बड़ा सम्मेलन कर पंजाबी समुदाय के लोग अपना शक्ति प्रदर्शन भी करेंगे।


लोकसभा और विधानसभा के चुनाव नजदीक आते ही सियासी समीकरण और राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति पर काम शुरू हो गया है।हरियाणा पंजाबी वेलफेयर सभा ने भी इसी रणनीति के तहत ताल ठोक दी है। सभा के पदाधिकारियों ने अलग-अलग राजनीतिक दलों में सक्रिय नेताओं को एक मंच पर लाकर राजनीतिक भागीदारी हासिल करने की योजना तैयार की है। सभा के पदाधिकारी राजनीतिक दलों पर टिकटों में पंजाबी समुदाय को हिस्सेदारी देने के लिए दबाव बनाएंगे। पूर्व मंत्री एसी चौधरी ने कहा कि पंजाबी समुदाय के लोगों को उनका हिस्सा नहीं मिल रहा है। आने वाले लोकसभा चुनाव में हरियाणा में उन्होंने पंजाबी समुदाय के लिए 4 सीटें और विधानसभा चुनाव के लिए 40 सीटें देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल पंजाबी समुदाय को उनका यह हक देगा वह उसकी के साथ खड़े होंगे। बेशक उन्हें इसके लिए कांग्रेस से भी हटना पड़े। हालांकि कॉन्फ्रेंस में मौजूद एसी चौधरी के अलावा पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा कांग्रेस की भाषा बोलते रहे, लेकिन उन्होंने फिलहाल सभी राजनीतिक दलों के लिए विकल्प खुले रखे हैं।


कांग्रेस पार्टी में पंजाबी समुदाय के कद्दावर नेता गिने जाते रहे एसी चौधरी ने ऐसा रोना रोया कि जैसे उन्हें कभी कोई मौका ही न मिला हो। उन्होंने कहा पंजाबी समाज को हालात ने मजबूर किया है अपने हकों के लिए उठना पड़ा है। चौधरी ने कहा किसी भी राजनीतिक दल ने हमें हमारा अधिकार नही दिया। पंजाबी समाज को उचित प्रतिनिधित्व नही मिला। उन्होंने दावा किया कि 35 फ़ीसदी हरियाणा में हमारी आबादी है लेकिन सरकार ने 14-15 घोषित कर दिया। पंजाबी जाति नही एक समुदाय है। पंजाबी समाज उनकों चुनौती देता है जिन्होंने उनके हकों को छीना है। चौधरी ने कहा पंजाबी समाज जल्द ही एक बड़ा सम्मेलन भी करेगा। पंजाबी समाज की अलग-अलग संस्थाओ का सभा मे विलय करवाया जाएगा।


पंजाबी समुदाय के नेताओं ने हक न मिलने का रोना रोया तो जिक्र पंजाबी समुदाय से सीएम बने मनोहर लाल खट्टर का भी आना लाजमी था। अलबत्ता इस पर पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने कहा सीएम पंजाबी जरूर है लेकिन रोहतक और आस-पास आंदोलन के दौरान जो हिंसा हुई वो अत्यचार था हमारे शोरूम जले नुकसान हुआ। पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा ने कहा आरक्षण आंदोलन में सबसे ज्यादा क्षति पंजाबी समाज के लोगों की हुई। बत्रा ने कहा हिंसा में लापरवाही बरतने वाले अफ़सर आज उच्च पदों पर बैठें हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर  पंजाबियों की हिफाजत और पैरवी करने में नाकामी का आरोप भी मढ़ा। बत्रा ने कहा 12 विधानसभा सीटें थी जिन पर पंजाबी समाज का बाहुल्य था लेकिन अलग- अलग राजनीतिक दलों के नेताओ ने उनकों खत्म किया।


हरियाणा पंजाबी वेलफेयर सभा ने बेशक टिकटों पर दावेदारी के लिए ताल ठोक दी हो, लेकिन यह टिकट किस से मांगे जा रहे हैं और किस राजनीतिक दल से उनको उम्मीद है? इसको लेकर खुद पंजाबी नेताओं के पास कोई साफ जवाब नहीं था। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुहिम भी महज अपनी-अपनी सियासी जमीन पुख्ता करने का जरिया बन जाए, इसमें कोई ज्यादा सन्देह नहीं।

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