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चुनावों को हिंसामुक्त रखने में प्रशासन नाकाम क्यों?





Chandigarh, 19 Sep, 2018 NewsRoots18
राजेन्द्र सिंह जादौन
पंजाब में बुधवार को पंचायतराज चुनावों पर हिंसा का साया बना रहा। सवाल यह है कि राज्य चुनाव आयोग आदर्श आचार संहिता लागू करते हुए प्रशासन की बागडोर भी अपने हाथ में रखता है। इसके बावजूद हिंसा होती है तो इसे प्रशासन और आयोग की नाकामी ही कही जायेगी। वैसे भी राज्य चुनाव आयोग प्रदेश में सत्तारूढ दल के प्रभाव से नहीं उबर पाता है। कारण यह है कि चुनाव के दौरान प्रशासन आदर्श आचार संहिता के तहत राज्य चुनाव आयोग के निर्देशन के बजाय राज्य सरकार के आदेश पर चलता है। सत्तारूढ दल पंचायतराज और निकाय चुनावों में ही नहीं विधानसभा और लोकसभा चुनाव जिताने के लिए भी सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करता है। यह एक ऐसी समस्या है जो कि चुनाव को वास्तविक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय बनावटी लोकतांत्रिक चुनाव को अंजाम देती है। इस समस्या का समाधान तो यही है कि पंचायतराज और शहरी निकाय चुनाव भी केन्द्रीय चुनाव आयोग के जरिए करवाये जाएं। चुनावों के दौरान राज्य पुलिस के बजाय केन्द्रीय बल तैनात किए जाएं। 


पिछले शहरी निकाय चुनाव के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाए थे कि उनके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल नहीं करने दिए गए। पंचायत चुनावों के दौरान भी यही आरोप दोहराए गए है। अकाली दल का तो यह भी आरोप है कि चुनाव मैदान में आने से रोकने के लिए उसके कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए।  चुनाव प्रक्रिया को इस तरह के आरोपों से मुक्त करने की भी जरूरत है। 


     पंजाब में बुधवार को पंचायतराज संस्थाओं के लिए कराए गए मतदान के दौरान भटिंडा में अकाली दल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच संधर्ष में एक बच्चा घायल हो गया। भटिंडा के दुलेवाल गांव में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच संधर्ष में फायरिंग हुई। फायरिंग में बच्चा घायल हो गया। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रदेश के कई स्थानों से प्रशासन की मिलीभगत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मतदान केन्द्रों पर कब्जा किए जाने के समाचार मिले है। हालांकि प्रशासन ने इस आरोप को खारिज किया । 



भटिंडा के ही मिड्डा और किलयानवाली गांव में कारें क्षतिग्रस्त करने की घटनाएं हुईं। बादल गांव के बूथ पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सबसे पहले मतदान करने पहुंचे। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह के पुत्र मनजिंदर सिंह  बिट़्टू   के मुक्तसर स्थित होटल से हथियार ओर कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने होटल से दस लोगों को हिरासत में लिया है। बिट़्टू उदेकरन क्षेत्र से जिला परिषद उम्मीदवार है। 


 प्रदेश में 22जिला परिषद और 150 पंचायत समितियों के लिए बुधवार सुबह मतदान शुरू हुआ। मतदान शाम चार बजे सम्पन्न हुआ। शाम चार बजे तक मतदान केन्द्रों पर कतार में खडे रहे मतदाताओं को मतदान का अवसर दिया गया। प्रदेश में पंचायराज चुनावों के लिए 1.27 करोड मतदाता दर्ज थे। मतगणना आगामी 22सितम्बर को कराई जायेगी। चुनाव के लिए 17268 मतदान केन्द्र बनाए गए थे। राज्य चुनाव आयोग ने चुनावों के लिए 35 पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे। चुनावों के लिए 50 हजार पुलिस जवान तैनात किए गए है। मतदाताओं को जिला परिषदों के 354 सदस्य और 150 पंचायत समितियों के 2900 सदस्य चुनना है। जिला परिषदों के लिए 33 सदस्य निर्विरोध चुने गए है। पंचायत समितियों के 369 सदस्य निर्विरोध चुने गए है। 


 पटियाला जिला परिषद के लिए सबसे अधिक 109 नामांकन दाखिल किए गए। इसके बाद संगरूर में 106 व अमृतसर में 100 नामांकन दाखिल किए गए। पठानकोट जिला परिषद के लिए सबसे कम 30 नामांकन दाखिल किए गए। तरणतारण जिले में कुल 80 नामांकनपत्रों में से 21 नामांकन खारिज किए गए। पंचायत समिति चुनाव के लिए लुधियाना जिले में सबसे अधिक 758,संगरूर जिले में 750 और अमृतसर जिले में 730 नामांकन दाखिल किए गए। 

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