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प्रदेश की जनता की जेब काट रही है खट्टर सरकार: सुरजेवाला






Chandigarh, 27 Sep, 2018 NewsRoots18
 खट्टर सरकार द्वारा मकान व ज़मीन रजिस्ट्रेशन में भारी बढ़ौतरी को जनविरोधी बताते हुए कांग्रेस नेता एवं कांग्रेस कोर कमेटी के सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने रजिस्ट्रेशन की फीस बढ़ोतरी का फैसला तुरंत वापिस लेने की माँग की है।

सुरजेवाला ने कहा कि पहले डीड के स्टांप रेट और अब जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए फीस में बेतहाशा वृद्धि करके खट्टर सरकार प्रदेश की जनता की जेब काट रही है।उन्होंने कहा कि वर्तमान खट्टर सरकार ने अपने 4 साल के कार्यकाल में प्रदेश में विकास की एक ईंट तो लगाई नहीं, लेकिन जनता को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। महंगाई की मार झेल रही प्रदेश की जनता को खट्टर सरकार राहत की बात तो दूर, सरकारी सर्विस में हर रोज़ नई फीस बढ़ोतरी करके उनको परेशान कर रही है।

सुरजेवाला ने सवाल किया कि एक ओर प्रदेश सरकार ने 4 साल में पेट्रोल-डीज़ल पर वैट व जीएसटी के नाम पर 26 हजार 300 करोड़ रुपया एकत्रित किया है, दूसरी ओर प्रदेश पर कर्जे का बोझ बढता जा रहा है।आखिरकार यह पैसा जा कहां रहा है, जबकि प्रदेश में विकास नाम की कोई चीज दिखाई नहीं दे रही, कांग्रेस के समय पर चालू बड़ी परियोजनाएँ ठप्प पड़ी हैं, न ही कोई बड़ा इंस्टिच्युट बना है और ना ही कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर। बेरोजगारी प्रदेश में मुंह बाए खड़ी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 में हरियाणा प्रदेश पर 60 हजार 300 करेाड़ रुपये का कर्ज था। जो बढ़कर अब वर्ष 2018-19 में 1 लाख 61 हजार 594 करोड़ रुपया हो गया है। यानि प्रतिदिन प्रदेश 74.31 करोड़, हर घंटे में 3.09 करोड़ रुपया तथा हर मिनट में प्रदेश 5 लाख रुपये के कर्ज बढ़ा है। 

सुरजेवाला ने कहा कि पेट्रोल व डीजल के दामों में हो रही बेतहाशा वृद्धि से पहले ही प्रदेश की जनता आजिज आ चुकी है। पेट्रोल व डीजल दोनों के ही दाम आज प्रदेश में उच्चस्तर पर पहुंचे हुए हैं। हरियाणा सरकार ने पेट्रोल व डीजल के दामों पर रोक लगाने का प्रयास तो किया नही,  उल्टा डीजल पर वैट 9.24 फीसदी से बढ़ाकर 17.22 फीसदी कर दिया। पेट्रोल पर वैट 21 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी कर दिया गया। गैस सिलेंडर कांग्रेस राज में लोगों को 414 रुपये में उपलब्ध होता था जो आज 754 रुपये में मिल रहा है। यानि की 430 रुपये की बढ़ोतरी। वहीं सब्सिडी पर मिलने वाले गैस सिलेंडर के दाम भी 87 रुपये बढ़ाकर 412 से 499 रुपये कर दिए गए हैं।

सुरजेवाला ने सरकार से मांग की है कि वह जमीन रजिस्ट्री की बढ़ाई गई फीस को तुरंत वापिस ले, अन्यथा आने वाले चुनाव में प्रदेश की जनता इस खट्टर सरकार को वोट की चोट से मज़ा चखाएगी।

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