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नरेन्द्र मोदी देश के प्रति जज्बाती, उनके नेतृत्व में सेना का मनोबल लगातार बढ़ा - मनोहर लाल




Jhajjar, 29 Sep, 2018 NewsRoots18
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सर्जिकल स्ट्राइक दिवस को भारतीय सेना के शौर्य का पराक्रम पर्व बताते हुए कहा कि देश की सीमा पर मुस्तैदी  से तैनात भारतीय सेना की वीरता की बदौलत ही हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं तथा खुली हवा में सांस ले पाते हैं।

मुख्यमंत्री ने आज झज्जर में सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में देश के लिए विभिन्न लड़ाइयों में अपना पराक्रम दिखा चुके पूर्व सैनिकों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि  मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने की।

     मनोहर लाल ने देश की रक्षा, एकता व अखंडता को बनाए रखने के लिए सैनिकों के योगदान को नमन करते हुए कहा ‘उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई, उनकी शहादत का कर्ज देश पर उधार है, आप और हम इसलिए खुशहाल हैं, क्योंकि सीमा पर सैनिक शहादत को तैयार है।

        हरियाणा को वीर शहीदों की भूमि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल  क्षेत्रफल का केवल 1.3 प्रतिशत और आबादी की लिहाज से महज दो प्रतिशत होने के बावजूद सेना में हमारी हिस्सेदारी 10 से 11 प्रतिशत है। हमारे बच्चों का जब शारीरिक, मानसिक व बौद्घिक विकास होता है तो उनके मन में सेना में जाने का भाव बलवति होता है, जो रोजगार के लिए नहीं बल्कि सीमा पर जाकर दुश्मन के दांत खट्टे करने तथा नाकों चने चबवाने का होता है। हमारी युवा पीढ़ी लगातार देश की सेना में हिस्सेदारी बढ़वाने की मांग करती रही है।

        मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के प्रति जज्बाती बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सेना का मनोबल लगातार बढ़ा है। सर्जिकल स्ट्राइक की बात करें तो आज भी दुश्मन अपनी हरकत करता है तो हर बात का तुरंत जवाब दिया जाता है। हाल में सीमा पर भारतीय सैनिक की बर्बरता से हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज हमारी सेनाएं दुश्मन को उसकी भाषा में जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में पूर्व सैनिकों के करीब 19 लाख परिवार हैं। इन परिवारों के कल्याण व सम्मान के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्घ है। हरियाणा सरकार ने शहीदों के 225 आश्रितों को सरकारी नौकरी देने, शहीदों की अनुग्रह राशि को 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए सैनिक बोर्ड को अलग विभाग का दर्जा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी उनकी शहादत का हम सब पर कर्ज है। ऐसे में हमें देश की रक्षा में लगे सैनिकों व उनके परिवारों का मान-सम्मान बनाए रखने का कार्य करना चाहिए।

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