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तकरार पर सदन में जूतमपैजार !





Chandigarh, 11 Sep, 2018 NewsRoots18
डॉ राजेश चौहान- चमड़े की जुबान कब आपस में चमड़े के जूते चलवा दे और तकरार पर जूतमपैजार हो जाए, कहा नहीं जा सकता! किसने सोचा था पांच बार के विधायक कर्ण सिंह दलाल सदन में यह बोल जाएंगे, 'हरियाणा एक ऐसा कलंकित राज्य है, जिसमें लाखों बीपीएल के राशनकार्ड काट दिए गए। दलाल के यह कहने की देर थी, सदन में हंगामा खड़ा हो गया। बहरहाल खोट कितना ही हो, राज्य के लिए 'कलंकित' शब्द ने बखेड़ा कर दिया। यहां तक भी चल जाता।




लेकिन जब नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने इस मुद्दे पर प्रस्ताव लाकर कर्ण सिंह दलाल को निलंबित करने की मांग उठाई तो दोनों नेताओं में घूराचूरी हो गई। कर्ण सिंह दलाल की टिप्पणी पर अभय चौटाला ने जूता निकाल लिया और दलाल ने भी अपने पैर से जूता निकाल लिया। दोनों नेताओं के हाथ में 'इज़्ज़त का हथियार' था औऱ दोनों एक-दूसरे की तरफ बढ़ भी गए। बीच में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आ गए और 'जूता वार' शुरू होने से पहले ही मार्शल दीवार की तरह डट गए।




 जब दो हरियाणवीं लोगों के हाथों में चलाने के लिए जूते आ गए हों तो उनके मुखारविंद पर कौन से शब्द होंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। बहरहाल दोनों ने 'हेल्पिंग वर्ब' का इस्तेमाल करते हुए एक दूसरे का इलाज करने औऱ देख लेने की धमकी सबके सामने दे डाली। नतीजतन कर्ण सिंह दलाल को एक साल के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। कल भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को बोला था, 'तेरा काम तो मैं करूँगा'। डेढ़ साल में कवरेज के दौरान विधानसभा में तू-तड़ाक वाली गीदड़ भभकी तो पहले भी देखी-सुनी, लेकिन 'जूता वार' की नौबत आज देखी। वैसे चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि विधानसभा में विधायकों के पास उठाकर मारने के लिए कुर्सियां नहीं है, बल्कि उनके आसन बेंच टाइप के हैं। माइक भी फिक्स हैं। बाकी हालात यही रहे तो ये चमड़े की जुबान किसी न किसी की चमड़ी जरूर उधड़वा देगी।

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