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दादरी को जिला बनने के दो साल बाद भी ढ़ांचागत विकास की कमी- रणसिंह मान





Chandigarh, 08 Oct,2018 NewsRoots18
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रणसिंह मान ने कहा है कि चरखी दादरी को जिला बने दो साल हो गए मगर अभी तक ढ़ांचागत विकास की एक ईट भी दादरी में नहीं लगी है जबकि जिला बनने के बाद सरकार दो बजट पास कर चुकी है। जब सरकार पैसे की व्यवस्था करने में असमर्थ थी तो फिर नया जिले बनाने का औचित्य क्या था।


बाढड़ा को दादरी जिले का उपमण्ड़ल बनाया गया पर बाढ़ड़ा से दादरी सड़क इतनी जर्जर हालात में है कि जिले के मुख्यालय में आने वाले लोग वैकल्पिक रास्तों को खोजने पर मजबूर हैं। मान ने कहा कि जिन मदों पर सरकार का पैसा भी खर्च नहीं होना था, और लोगो का सुविधा होती, उन पर भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया। हरियाणा में अब तक यह परम्परा रही है कि जब भी कोई नया जिला बना है जिला कैड़र के कर्मचारियों के उनकी जिले की पसंद मांगी जाती रही हैं और उसी हिसाब से कर्मचारियों को जिले का आवंटन होता रहा है। सरकार की इस नासमझी का सबसे ज्यादा खामियाजा जेबीटी अध्यापकों को भुगतना पड़ा है व कुछ अध्यापकों को सरकार की मनमर्जी के खिलाफ पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी है। इसे सरकार की संवेदनहीनता ही मानी जाएगी जब ऐसे साधारण काम जो सरकार को स्वतः करने चाहिए, उसके लिए लोग कोर्ट में जाए। 


मान ने कहा कि सरकार को यह मालूम होना चाहिए कि भविष्य में जब भी दादरी औरभिवानी के अध्यापक,कर्मचारी अपने-अपने जिलों में स्थानान्तरित होगें तो वे अपनी वरिष्ठता खो बैठेगे और वे नए कर्मचारी से जूनियर हो जाएगें। सरकार की इस अनुभवहीनता के कारण इन दोनों जिलों के सैकड़ों कर्मचारी उहापोह की स्थिति में हैं। सरकार ने तबादला नीति का शिकायत निवारण पोर्टल भी बनाया था मगर उसमें ड़ाली गई एक भी शिकायत का निवारण नहीं हुआ है। यह स्थिति तब है जब शिक्षा विभाग को अनुभवी रामबिलास शर्मा देख रहें हैं जिनकी दादरी-भिवानी में राजनीतिक रूचि भी है।

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