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जलियांवाला बाग की रिनोवेशन में रोड़ा






Chandigarh, 08 Oct,2018 NewsRoots18
13 अप्रैल 1919 की तारीख हिंदुस्तान के इतिहास में खूनी संघर्ष के तौर पर जाने जाती है! इसी दिन अमृतसर के जलियांवाला बाग में हजारों बेगुनाहों को अंग्रेजों की गोलियों से छलनी कर दिया था। यह  जंग-ए आजादी के संघर्ष का महान स्मारक है। जहां देश का हर नागरिक नतमस्तक हो जाता है, लेकिन जलियांवाला कांड के 100 साल पूरे होने जा रहे हैं। किंतु जलियांवाला बाग की हालत खराब है।








 देश को हिला कर रख देने वाले जलियांवाला कांड के 100 साल पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन जंग-ए आजादी का यह स्मारक आज खराब हालत में है। धन भी है और सुधार करने की नियत भी, लेकिन इसके बावजूद जलियांवाला बाग के दिन नहीं फिर रहे हैं। वजह है सियासी टकराव... और यह टकराव पंजाब के पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बयानों से साफ हो गया है. जानिए आखिर क्या है जलियांवाला बाग से सम्बंधित फाइलों की लालफीताशाही की वजह।

 




पंजाब सरकार ने जलियांवाला बाग के नवीनीकरण के लिए ₹20 करोड़  की मांग की इसमें से ₹8 करोड़ मिल चुके हैं, लेकिन जलियांवाला बाग की रिनोवेशन की इजाजत नहीं दी जा रही है। पंजाब के पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि जलियांवाला बाग ट्रस्ट के अधीन है और यह केंद्र के अंतर्गत आता है। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग और बाबा नानक का सेलिब्रेशन हमारे लिए सबसे ऊपर है। नवजोत सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि पिछले कई सालों से जलियांवाला बाग के रखरखाव पर कोई पैसा खर्च नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग को आगे से ठेके पर नहीं देने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग के रिनोवेशन को लेकर पंजाब सरकार की तरफ से कोई ढील नहीं है। इस बाबत बाकायदा केंद्रीय पर्यटन मंत्री से भी बात की जा चुकी है।

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