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क्या है करवा चौथ व्रत और व्रत के नियम, क्या न करे करवा चौथ पर




Chandigarh, 26Oct,2018 NewsRoots18

करवा चौथ व्रत
करवा चौथ का त्यौहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन विवाहित स्त्रियाँ अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती है। साथ ही अच्छे वर की कामना से अविवाहिता स्त्रियों के करवा चौथ व्रत रखने की भी परम्परा है। यह पर्व पूरे उत्तर भारत में ज़ोर-शोर से मनाया जाता है। व्रत खोलने का समय 7 बजकर 55 मिनट है।

करवा चौथ व्रत के नियम

यह व्रत सूर्योदय से पहले से शुरू कर चांद निकलने तक रखना चाहिए और चन्द्रमा के दर्शन के पश्चात ही इसको खोला जाता है।

 शाम के समय चंद्रोदय से 1 घंटा पहले सम्पूर्ण शिव-परिवार (शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी और कार्तिकेय जी) की पूजा की जाती है।

 पूजन के समय देव-प्रतिमा का मुख पश्चिम की तरफ़ होना चाहिए तथा स्त्री को पूर्व की तरफ़ मुख करके बैठना चाहिए।

करवा चौथ पर बना है सर्वार्थ सिद्धि योग, इस मुहूर्त में करें पूजा

27 को 8 बजे के बाद पूजन कल्याणकारी

करवा चौथ के दिन 27 अक्टूबर को रात 7:38 बजे चंद्रोदय होगा लेकिन भद्रा 7:58 बजे तक रहेगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रात नौ बजे तक रहेगा। ऐसे में रात आठ से नौ बजे के बीच पूजन करना सबसे कल्याणकारी होगा।

करवा चौथ पर भूलकर भी न करें यह काम

दिन घर में शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखना चाहिए। पारिवारिक कलह और द्वेष से बचें। पति-पत्नी को आपसी मनमुटाव से खासतौर पर बचना चाहिए। मान्यता है कि यदि पति-पत्नी इस तिथि में झगड़ते हैं तो पूरे साल ऐसी परिस्थितियां बनती रहती हैं जिनसे आपस में मनमुटाव होता रहता है।

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