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माँ दुर्गा का शिवदूती स्वरूप चंद्रघंटा






Chandigarh, 12 Oct,2018 NewsRoots18
नवरात्रों के पर्व में आज श्रद्धालु मां चंद्रघंटा की पूजा कर रहे हैं। यह शक्ति माता का शिवदूती स्वरूप है। मां चंद्रघंटा देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है। जिससे इनका मुख चंद्र के सामान प्रकाशमान होता रहता है। माता चंद्रघंटा ने असुरों के साथ युद्ध में घंटे की टंकार से ही उनका नाश कर दिया था। मां चंद्रघंटा सिंह की सवारी करती हैं। मां दुर्गा अपने इस तीसरे स्वरूप में दस हाथों से शोभायमान होती हैं। इनके हाथ खड्ग, बाण, अस्त्र-शस्‍त्र से विभूषित होतें है। मां चंद्रखंटा की पूजा करने के लिये सबसे पहले मां का साज श्रृंगार करना चाहिए। इसके बाद जल, पुष्‍प, दुर्वा, अक्षत, गुलाब, लौंग कपूर से मां की पूजा करना चा‍हिए। मां की सुबह-शाम दोनों टाइम पूजा करनी चाहिये और मां को खीर, हलवा या फिर किसी अन्य मिठाई का भोग लगाना चाहि‍ए। माना जाता है कि नवरात्र में मां श्रद्धालुओं पूजा प्रत्यक्ष रूप से स्‍वीकार करती हैं। श्रद्धालुओं को मां चंद्रघंटा देवी का आशीर्वाद प्राप्‍त होता है। देवी मां के इस स्वरूप के दर्शन मात्र से ही भक्‍तों को वीरता और निर्भयता का अहसास होने लगता है। इसके साथ ही कल्याणकारी देवी जीवन में कष्टों से मुक्ति दिलाती हैं और श्रद्धालुओं के जीवन में खुशि‍यों का आगमन होता है।

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