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गुरमीत के पास जाना चाहती है हनिप्रीत!




Chandigarh, 13Nov,2018 NewsRoots18
लगभग सवा साल से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने अभी तक पैरोल के लिए आवेदन नहीं किया है, जबकि 1 साल जेल में बिताने के बाद गुरमीत राम रहीम पैरोल का हकदार हो गया है। दूसरी तरफ अंबाला की सेंट्रल जेल में बंद गुरमीत राम रहीम सिंह की सबसे बड़ी राजदार हनीप्रीत ने जेल ट्रांसफर करने की एप्लीकेशन जरूर दे दी है। ऐसा माना जा रहा है कि हनीप्रीत अंबाला से जेल ट्रांसफर करवा कर रोहतक की सुनारिया जेल जाना चाह रही है। हालांकि हरियाणा के जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जेल ट्रांसफर के आवेदन की बात कबूली है, लेकिन हनीप्रीत की पसंदीदा जेल पर मंत्री चुप्पी साध गए।

एक दौर था डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह राजसी जीवन जीते थे... वैभव और विलास का जीवन किसी राजा महाराजा से कम नहीं था, लेकिन सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम सिंह का तिलिस्म तोड़ दिया. साध्वियों के यौन शोषण की शिकायत पर लंबी सुनवाई के बाद 25 अगस्त 2017 को अदालत ने गुरमीत राम रहीम सिंह को 10-10 साल की दो सजा सुनाई। लिहाजा अब गुरमीत राम रहीम सिंह को 20 साल जेल की सलाखों के पीछे बिताने होंगे। पिछले साल की 25 अगस्त से ही गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। इस दौरान कई खबरें सामने आई कि गुरमीत राम रहीम का वजन काफी कम हो गया है। जेल में बंद होने के बाद राम रहीम को सलाखों के पीछे का जीवन काफी असहज लगा और वह काफी कमजोर हो गया। जेल से बाहर आए कुछ बंदियों ने यह भी कहा कि राम रहीम अब अपनी बैरक में गमगीन बैठा रहता है। उसे सुनारिया जेल में सब्जियां उगाने का काम दिया गया है, लेकिन अब राम रहीम को जेल में लगभग सवा साल का हो गया है। किंतु अभी तक राम रहीम ने पैरोल के लिए आवेदन नहीं किया है, जबकि 1 साल बाद ही कोई भी कैदी पैरोल के लिए आवेदन कर सकता है, हालांकि उसके लिए कैदी को वाजिब कारण बताना होता है। किंतु गुरमीत राम रहीम ने अभी तक पैरोल नहीं मांगी है। हरियाणा के जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी तक गुरमीत राम रहीम की पैरोल की कोई एप्लीकेशन रिकॉर्ड में नहीं आई है। क्या गुरमीत राम रहीम को पैरोल दी जाएगी? इस सवाल पर कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि यदि वो आवेदन करता है तो उसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन कराई जाएगी और इसी वेरीफिकेशन के आधार पर यह तय होगा कि पैरोल की एप्लीकेशन पर विचार किया जाएगा अथवा नहीं. गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम को डेरा सच्चा सौदा से निकालने में पहले भी सरकार को पसीना आ गया था। बड़ी मुश्किल से आखिरी क्षणों में गुरमीत राम रहीम खुद एक बड़े लाव लश्कर के साथ पंचकूला की सीबीआई अदालत पहुंचा था और उसकी गिरफ्तारी के बाद राम रहीम के राजदार कई लोगों की गिरफ्तारी हुई तो उन्होंने चौंकाने वाले खुलासे किए। उनके मुताबिक गुरमीत राम रहीम ने सजा होने की सूरत में प्रदेश में दंगे फैलाने बड़े पैमाने पर हिंसा करने की तैयारी कर रखी थी। बाकायदा हनीप्रीत भी इस बैठक में मौजूद रही थी और इसी षड्यंत्र के लिए हनीप्रीत पर आरोप तय हुए हैं। ऐसे में यदि आप गुरमीत राम रहीम पैरोल के लिए आवेदन करता है तो सरकार की सिरदर्दी बढ़ सकती है। यदि राम रहीम जेल से बाहर आता है तो उसको फिर से गिरफ्तार करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी और प्रदेश में कानून व्यवस्था भी बिगड़ सकती है।


गुरमीत राम रहीम की फिल्में हो या फिर डेरा सच्चा सौदा में उसके राजसी ठाठ बाट... सब में हनीप्रीत बराबर की हिस्सेदार रही... उतनी ही हनीप्रीत राम रहीम की राजदार भी है, लेकिन हरियाणा पुलिस एक बड़ी चूक कर बैठी. पिछले साल 25 अगस्त को गुरमीत राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद हनीप्रीत को जाने दिया गया और वह भूमिगत हो गई, लेकिन बाद में दर्ज हुई f.i.r. में हनीप्रीत पर भी संगीन आरोप लगे। हरियाणा में हिंसा फैलाने के षडयंत्र में हनीप्रीत को भी अहम किरदार माना गया। उसके बाद हरियाणा पुलिस ने कई टीमें गठित की और हनीप्रीत की तलाश में जगह-जगह छापेमारी की, लेकिन गुरमीत राम रहीम की सबसे बड़ी राजदार हरियाणा पुलिस को लगातार चकमा देने में कामयाब रही। हनीप्रीत इस दौरान हरियाणा और पंजाब के कई ठिकानों में छिपी रही। राम रहीम की गिरफ्तारी के 38 दिन बाद हनीप्रीत की गिरफ्तारी हुई। उसी दिन से हनीप्रीत अंबाला के सेंट्रल जेल में बंद है। अंबाला जेल में परिजनों से मिलनी को लेकर भी हनीप्रीत चर्चाओं में रही है। लेकिन अब उसने जेल ट्रांसफर करने की एप्लीकेशन दी है। हरियाणा के जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने खुद इसका खुलासा किया। उन्होंने कहा कि हनीप्रीत की एक एप्लीकेशन मिली है, जिसमें उसने जेल ट्रांसफर करने की मांग की है। बकौल जेल मंत्री हनिप्रीत की एप्लीकेशन पर वेरीफिकेशन कराई जाएगी। यदि जेल ट्रांसफर करने का आधार सही पाया गया तो अदालत के जरिए इस प्रक्रिया को अमल में लाया जा सकता है। क्योंकि हनीप्रीत अभी विचाराधीन बंदी है। हनीप्रीत आखिर कौन सी जेल में जाना चाहती है, इस सवाल पर जेल मंत्री चुप्पी साध गए। हालांकि ऐसी चर्चाएं हैं की हनीप्रीत की पसंदीदा रोहतक की सुनारिया जेल है क्योंकि उसी में गुरमीत राम रहीम भी बंद है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर हनीप्रीत की इस एप्लीकेशन पर गौर किया जाता है या नहीं और उसकी चॉइस के मुताबिक जेल मिलती है या फिर उसे अम्बाला सेंट्रल जेल में ही दिन बिताने पड़ेंगे।

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