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अभय चौटाला का दुष्यन्त पर अब अजेय वार


सुनिये अभय चौटाला की पूरी प्रेसवार्ता 

Chandigarh,14Nov,2018 NewsRoots18
इंडियन नेशनल लोकदल की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने अपने बड़े बेटे और पार्टी के महासचिव अजय चौटाला को इनेलो से निष्कासित कर दिया है। ओम प्रकाश चौटाला द्वारा अजय चौटाला के निष्कासन का यह आदेश पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने चंडीगढ़ में मीडिया के सामने पढ़ कर सुनाया। इसके साथ ही पार्टी नेता अभय सिंह चौटाला ने 17 नवंबर को चंडीगढ़ में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक बुलाने का ऐलान कर दिया है, जबकि इसी तारीख को अजय चौटाला जींद में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक बुला चुके हैं। मसलन पार्टी में अब वजूद की लड़ाई शुरू हो चुकी है।


इंडियन नेशनल लोकदल में चली आ रही तकरार अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। 7 अक्टूबर की गोहाना रैली के बाद अनुशासनहीनता के आरोप में पहले हिसार के सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला और इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला को पार्टी से निष्कासित किया गया, लेकिन जेल से पैरोल पर आने के बाद दुष्यंत सिंह चौटाला के पिता एवं पार्टी के महासचिव अजय सिंह चौटाला ने संगठन पर अधिकार की लड़ाई छेड़ी तो पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने इसका पटाक्षेप कर दिया। बुधवार को चंडीगढ़ में मीडिया के सामने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने ओम प्रकाश चौटाला का पत्र पढ़कर सुनाया। इसके मुताबिक इनेलो के महासचिव और ओम प्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय सिंह चौटाला को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।इससे साफ हो गया है कि अभय सिंह चौटाला ओम प्रकाश चौटाला के उत्तराधिकार को लेकर अपने बड़े भाई पर भारी पड़ गए हैं। पार्टी नेता अशोक अरोड़ा ने कहा कि सुलह के काफी प्रयास किए गए लेकिन अंत में उन्हें पार्टी सुप्रीमो का यह आदेश लागू करना पड़ा है।




इंडियन नेशनल लोकदल में दोनों भाइयों के बीच तकरार के बाद अब अगली लड़ाई संगठन पर वर्चस्व को लेकर थी। पार्टी के महासचिव की हैसियत से अजय चौटाला ने जींद में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई तो अभय चौटाला ने अपने भाई अजय चौटाला का पार्टी से पत्ता ही साफ करवा दिया। अब अजय चौटाला पार्टी से निष्कासित हो गए हैं। ऐसे में अभय ने एक तीर से दो निशाने किए हैं। एक तो अजय चौटाला को संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया और दूसरा उनकी उस बात का जवाब दे दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं पार्टी के महासचिव के नाते बैठक बुला सकता हूं। मसलन अजय चौटाला न पार्टी के महासचिव होंगे और ना ही उन्हें बैठक बुलाने और उसमें फैसले लेने का कोई अधिकार होगा। इससे भी बढ़कर अभय चौटाला ने 17 नवंबर को चंडीगढ़ में पार्टी कार्यकारिणी की बैठक बुला ली है, जबकि अजय चौटाला भी 17 नवंबर को ही जींद में पार्टी की बैठक बुला चुके हैं। यह तारीख अभय चौटाला ने भी सोच समझकर मुकर्रर की है ताकि दोनों तरफ हाथ रख रहे नेताओं की स्थिति साफ हो सके। अब 17 नवंबर की दोनों बैठकों से तय होगा कि कौन किसके पाले में है।

इंडियन नेशनल लोकदल के विधानसभा में 19 सदस्य हैं जिसमें से 5 सदस्य अभय चौटाला की बैठक से नदारद पाए गए थे, लिहाजा अब अभय सिंह चौटाला ने उन्हें भी चेतावनी भरे लहजे में कह दिया है कि किसी भी विधायक की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। जो विधायक उनके साथ नहीं हैं वह पत्र लिख कर सूचित करें ताकि उन्हें पार्टी की सदस्यता से बेदखल किया जा सके। अभय सिंह चौटाला ने साफ कर दिया कि जो विधायक लिखकर नहीं देगा उन्हें मेरे साथ इंडियन नेशनल लोकदल की बेंच पर ही बैठना होगा।


इनेलो का भविष्य जो भी हो आने वाले कुछ दिनों में इंडियन नेशनल लोकदल का यह ड्रामा काफी दिलचस्प हो सकता है।

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