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10 महीने में अभय चौटाला नहीं कर पाये वह सवाल राजकुमार सैनी ने मात्र पांच दिन में किया हल






Chandigarh,09Feb,2019 NewaRoots18
हरियाणा में बहुजन समाज पार्टी ने इनेलो  के साथ करीब 10 महीने पुराना गठबंधन तोड़ दिया है। अब बसपा ने भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के साथ नए गठबंधन का ऐलान किया है। शनिवार को चंडीगढ़ में दोनों पार्टियों के नेताओं ने गठबंधन की घोषणा की। इस नए गठबंधन के साथ ही दोनों पार्टियों ने सीटों के बंटवारे का सवाल भी हल कर लिया है। जो पिछले दस महिनों के गठबंधन के दौरान हल नहीं हो पाया था। लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी 10 में से 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के हिस्से 2 सीटें आई हैं। इसी तरह से विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी 55 और बहुजन समाज पार्टी 35 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि कौन सी सीट किसके हिस्से आएगी, यह बंटवारा बाद में तय होगा।


हरियाणा की सियासत में एक और नया उलटफेर हो गया है। शनिवार को उन राजनीतिक अटकलों पर विराम लग गया जो लगातार इंडियन नेशनल लोक दल और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन को लेकर चल रही थी। आखिर बहुजन समाज पार्टी ने करीब 10 महीने पुरानी गठबंधन को तोड़ने का ऐलान कर दिया है। मसलन बसपा के हाथी को इनेलो का चश्मा रास नहीं आया। बुरे दौर से गुजर रही इंडियन नेशनल लोकदल को एक और बड़ा झटका लगा है। जननायक जनता पार्टी के रूप में दो-फाड़ होने के बाद अब इंडियन नेशनल लोकदल की बसपा के हाथी पर सवार होकर सत्ता के पायदान तक पहुंचने की उम्मीद भी टूट गई है। दुष्यंत चौटाला के अलग हो जाने और चार विधायकों के जननायक जनता पार्टी को समर्थन देने से इनेलो के खेमे में खासी मायूसी छाई हुई थी, लेकिन अब बुरे दौर में बहुजन समाज पार्टी ने भी इनेलो का साथ छोड़ दिया है। शनिवार को चंडीगढ़ में बहुजन समाज पार्टी के हरियाणा प्रभारी डॉक्टर मेघराज सिंह और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के अध्यक्ष राजकुमार सैनी ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नए गठबंधन का ऐलान किया। गठबंधन को लेकर दोनों पार्टियां पिछले कई दिन से सियासी कसरत में लगी हुई थी। इसी का नतीजा है कि जो सवाल इनेलो नेता और नेता प्रतिपक्ष हल नहीं कर पाये उसी सवाल को राजकुमार सैनी ने महज पांच दिन में ही हल कर लिया। बसपा और लोसुपा के गठबंधन के ऐलान के साथ दोनों पार्टियों ने सीटों के बंटवारे पर भी लगे हाथ घोषणा कर दी। सीटों के विभाजन के इस फार्मूले के मुताबिक हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से 8 सीटें बसपा ने अपने पास रख ली है, जबकि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी 2 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करेगी। हरियाणा बसपा के प्रभारी डॉक्टर मेघराज सिंह ने कहा कि सीटों के बंटवारे पर फैसला हो चुका है और दोनों ही पार्टियां इस पर सहमत हैं। जल्दी ही यह भी फैसला कर लिया जाएगा कि कौन सी सीटें किस पार्टी के खाते में होंगी। साथ ही उन्होंने इनेलो के साथ गठबंधन तोड़ने की दलील पर कहा कि चौटाला परिवार दो फाड़ हो चुका है। इस विघटन से उनकी सियासी ताकत कमजोर हुई है और इसके अलावा जींद चुनाव में पार्टी को मिली करारी शिकस्त ने भी बसपा को अपना हाथ झटकने का बहाना दे दिया है।





दरअसल बसपा सुप्रीमो मायावती प्रधानमंत्री पद की दौड़ में अपने हाथी पर ज्यादा से ज्यादा सांसदों को सवार करना चाहती है। इसी कवायद के चलते मायावती ने लोकसभा की 8 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। भाजपा से बगावत कर अपनी अलग पार्टी खड़ी करने वाले कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी मुख्यमंत्री बने के लिए महत्वाकांक्षी बने हुए हैं। लिहाजा उन्होंने विधानसभा की 90 में से 55 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि बहुजन समाज पार्टी 35 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करेगी। ऐसे में दोनों पार्टियों के बीच का एजेंडा साफ हो गया है। बहुजन समाज पार्टी संसद में हरियाणा से अपनी संख्या में इजाफा चाहती है और राजकुमार सैनी मुख्यमंत्री बनने के लिए अपना जोड़-तोड़ लगाने में जुटे हैं। राजकुमार सैनी ने कहा कि यह दिलों का गठबन्धन है। दोनों पार्टियों की विचारधारा मेल खाती है और हमारे बीच गठबन्धन की मांग लम्बे समय से चली आ रही थी। 


यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर दलितों और पिछड़ों की राजनीति करने वाली यह दोनों पार्टियां हरियाणा की राजनीति में आगे चलकर क्या गुल खिला पाती हैं। 

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