Advertisements

NIA की विशेष अदालत से समझौता ब्लास्ट मामले में स्वामी असीमानंद समेत चारों आरोपी बरी


Chandigarh,20March2019 NewsRoots18
पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने बुधवार को समझौता ब्लास्ट मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए स्वामी असीमानंद समेत चारों आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने सबूतों के अभाव के चलते मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजेंद्र चौधरी को बरी कर दिया है। अदालत ने समझौता एक्सप्रेस में हुए ब्लास्ट मामले की 11 मार्च को सुनवाई पूरी कर फैसला रिजर्व रखा था।

क्या है पूरा मामला
वर्ष 2007 में 18 फरवरी को दिल्ली से लाहौर के लिए रवाना हुई समझौता एक्सप्रेस ट्रेन जैसे ही पानीपत के दीवाना रेलवे स्टेशन के पास पहुंची ट्रेन में धमाका हो गया। धमाके से ट्रेन की दो बोगियों में आग लग गई। जिसमें 68 लोग जिंदा जल कर मर गए। मरने वालों में ज्यादातर पाकिस्तान के नागरिक थे। 26 जुलाई 2010 को मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई। जिसके बाद एनआईए ने स्वामी असीमानंद को मुख्य आरोपी बनाया। 26 जून 2011 को कुल 5 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट में स्वामी असीमानंद, सुनील जोशी रामचंद्र कालसंग्रा, संदीप डांगे, लोकेश शर्मा के नाम शामिल थे। इन सभी आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120 बी, 302 हत्या और 307 हत्या की कोशिश करने समेत विस्फोटक पदार्थ लाने व अन्य कई धाराएं शामिल थी। मामले में आज पंचकूला की विशेष एनआईए अदालत ने सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव के चलते बरी कर दिया।

Post a Comment

0 Comments