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ऐसा होगा दुनिया का सबसे बेहतरीन घोषणापत्र!


 Chandigarh,28March2019 NewsRoots18
चुनावी सीजन में घोषणा पत्र और संकल्प पत्र के नाम पर गप्पे हांकने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। 1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव के बाद से ही यह रवायत चली आ रही है। दरअसल चुनाव जीतने के बाद घोषणा पत्र को लेकर ना कोई जवाबदेही है और ना ही इसका कोई पब्लिक ऑडिट। वोटों के लिए जो जी में आया कह दिया करने की कोई गारंटी नहीं। सच्चाई तो यह है कि ज्यादातर राजनीतिक दल सत्ता में आने के बाद अपने घोषणापत्र को शायद खोल कर भी नहीं देखते। यह सब केवल मतदाताओं को लुभाने के लिए है। सही मायने में कहा जाए तो चुनाव के दिनों में की जाने वाली महत्वाकांक्षी घोषणाएं सरकारी खजाने की कीमत पर वोटों का सौदा है। यह सीधे तौर पर मतदाताओं को रिश्वत की पेशकश है। यदि घोषणा पत्र नीतिगत है तो अलग बात है, लेकिन यदि घोषणा पत्र में मतदाताओं को नकदी बांटने, पेंशन के नाम पर सरकारी खजाना लुटाने, फ्री बिजली देने व अन्य सामान बांटने से लेकर उनके खातों में भारी भरकम रकम डालने की घोषणाएं लोकतांत्रिक प्रणाली के साथ धोखाधड़ी से कम नहीं है।

नज़र डालिए आने वाले समय में राजनीतिक दलों के घोषणापत्र कैसे-कैसे हो सकते हैं। 

1. चुनाव जीतने की खुशी में हर मतदाता को सोने की ईंटें बांटी जाएंगी।
2.किडनी , लिवर , हार्ट ट्रांसप्लांट फ्री में ।
3.हर भारतीय को साल में 3 बार विदेश यात्रा फ्री ।
4. गर्मी के दिनों में आर्टिफिशियल स्नो फॉलिंग करवाई जाएगी ।
5. महिलाओं को ब्यूटीपार्लर फ्री ।
6. पुरुषों के लिए गाँव मे महीने के 5 दिन दारू , बीयर की टैंकर भिजवाई जाएगी ।
7. एक गाँव से दूसरे गाँव जाने के लिए हेलीकॉप्टर हर आधे घंटे में ।
8. Tik Tok पे वीडियो बनानेवालों को 10 दिन के अंदर सीधे फाँसी ।
9. पेट्रोल महीने के 100 लीटर की लिमिट तक मुफ्त मिलेगा ।
10. कुँवारों के लिए दुल्हन यूरोपीय देशों से लाई जाएगी।
11. दूध की फ्री सप्लाई के लिए टोंटी लगाई जाएंगी।
12. हर महीने कोकाकोला की पेटी और खारे की बोतलें कुरकुरों के साथ घर पहुंचाई जाएंगी
13.  भूमिहीनों को जमीनें मुहैया कराने के लिए सरकार चांद पर भूमि अधिग्रण करेगी।
14. ठंड के दिनों में ठिठुरने वाले मतदाताओं को फ्री में सूरज की सैर कराई जाएगी


आने वाले समय में राजनीतिक दल घोषणा पत्रों का एक पेज मतदाताओं के लिए कोरा छोड़ दिया करेंगे। मतदाता जो चाहे उसमें अपनी मर्जी से लिख सकते हैं। सियासतदानों को मालूम है घोषणापत्र की हकीकत... दिल के खुश रखने को ग़ालिब यह ख्याल अच्छा है!

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