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जानिये क्यों दिये जाते है उमिदवारों को चुनाव चिन्ह?

Chandigarh,19March2019 NewsRoots18
पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में उमिदावारों को चुनाव चिन्ह दिये जाते है। चुनाव आयोग में रजिस्ट्रड राजनीतिक पार्टियों को पर्मानेट चुनाव चिन्ह दिया हुआ है। भाजपा को कमल का फूल, कांग्रेस को हाथ का निशान,बसपा को हाथी और इनेलो को चश्मे का निशान स्थाई रुप से आयोग द्वारा दिया गया है। वहीं निर्दलिय उमिदवारों को भी चुनाव आयोग चुनाव चिन्ह चुनाव के समय देता है । क्या आपने कभी सोचा है कि पार्टियों और उमिदवारों को चुनाव चिन्ह क्यों दिये जाते है और कब इसकी शुरुआत हुई थी।

इसलिये दिये जाते है पार्टियों और उमिदवारों को चुनाव चिन्ह
आजाद भारत का पहला चुनाव साल 1951 में हुआ था उस समय देश के सामने निशपक्ष और पारदर्शी चुनाव करवाने के चुनौती थी। वहीं देश के पहले चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन के सामने निरक्षर लोगों को अपने पसंद के उमिदवार का चुनाव करने की स्वतंत्रता बनाये रखने की चुनौती थी। क्योंकि 85 प्रतिशत मतदाता निरक्षर थे। जिन्होंने कभी स्कूल का मूहं तक नहीं देखा था। देश के पहले चुनाव में अनपढ मतदाताओं को उमिदवार की पहचान करने के लिए पार्टियों को उमिदावारों को चुनाव चिन्ह दिया गया था। तब से आजतक पंचायत चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक हर किसी में चुनाव चिन्ह दिया जाता है। 

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