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क्या सियासी सूखा खत्म कर पायेंगे राहुल गांधी


Chandigarh,27March2019 NewsRoots18
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी देशभर में चल रहे चुनावी महाभारत के बीच उत्तरी हरियाणा को मच्छली की आंख की तरह लक्षित किये हुये है। इसी का नतीजा है कि व्यस्ततम चुनावी शेडयूल के बावजूद राहुल गांधी 29 मार्च को उत्तर हरियाणा के दौरे पर पंहुच रहे है। देशभर में पहले और दूसरे दौर के लोकसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुरुआती चरणों में यूपी और बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव होने है। इसके बावजूद राहुल गांधी इस बीच उत्तर हरियाणा क्यों पंहुच रहे है। यह एक अहम सियासी सवाल बन गया है।

उत्तरी हरियाणा को तवज्जो क्यों?
इस दौरे के बहाने राहुल गांधी हरियाणा में चल रही कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा में जान फूकना चाहते है और उससे भी बड़ा कारण है उत्तरी हरियाणा में कांग्रेस के लिये राजनीतिक आकाल को खत्म करना। चूंकि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में खास तौर पर कांग्रेस को उत्तरी हरियाणा में मुहँ की खानी पड़ी थी। यदि कैथल में रणदीप सिंह सुरजेवाला की सीट को छोड़ दे तो उत्तरी हरियाणा में कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी। इस लिये राजनीतिक पकड़ के लिहाज से राहुल गांधी उत्तरी हरियाणा को तवज्जो दे रहे है। 

तमाम नेताओं को एक बस में सवारी करवायेंगे राहुल गांधी
प्रदेश कांग्रेस के आला नेता भी इस सियासी समीकरण से अच्छी तरह वॉकिफ हैं कि उत्तरी हरियाणा का यह शुन्य उनके लिये बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। इस लिये राहुल गांधी के दौरे का कार्यक्रम ऐसे तरीके से बनाया गया है कि वे तीन लोकसभा क्षेत्रों को एक साथ कवर कर लेंगे। करनाल और उसके बाद कुुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के लाडवा हल्के और अम्बाला लोकसभा क्षेत्र के जगाधरी हल्के में राहुल गांधी रोड़ शो करेंगे। राहुल गांधी और हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आजाद सूबे में कांग्रेस का मर्ज समझ चुके है। इस लिये राहुल गांधी की मौजूदगी में तमाम बड़े नेताओं को एक बस में सवार कर एकजुटता का संदेश देना भी कांग्रेस का बड़ा सियासी मकसद है। हांलाकि ये वक्त बतायेगा कि कांग्रेस अपने मकसद में कितना कामयाब हो पाती है। इतना जरुर है कि कांग्रेस उत्तरी हरियाणा को अपने टारगेट पर लेकर चल रही है।

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