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सरसों फसल की बंपर पैदावार बनी किसानों के लिए परेशानी का सबब

बहादुरगढ़: सरसों की फसल किसानो के लिए बनी आफ़त


ShivaniHans,Chandigarh,7thApril,2019 NewsRoots18
किसान की फसलें कई बार मौसम या किसी अन्य कारण से खराब हो जाती है।किसान को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन जब अछी खासी फड़ल की पैदावार होने के बाद किसान के लिए वही फसल परेशानी का सबब बन जाए। ऐसा ही इस बार की सरसों की खेती से बम्पर फसल हुई है। एक ओर ये अच्छी बात मानी जा रही है। तो वहीं दूसरी ओर ये किसानों का सिरदर्द भी बनी हुई है। क्योंकि जिला प्रशासन के नियमानुसार अपनी सरसों बेच चुके किसानों की बची हुई फसल को खरीदने का फैसला मार्किट कमेटी ने तय किया था। लेकिन अफसोस की बात तो ये रही कि मार्किट कमेटी आई ही नहीं।
किसान भूखे प्यासे सुबह से ही अपनी फसल बेचने पहुंचे हुए थे, लेकिन मार्किट कमेटी का एक भी अफ्सर नहीं पहुंचा। 
किसनों का आरोप है कि मार्केट कमेटी अपना गलती हैफेड पर थोप रही है।

क्या है नियम?
एक एकड़ की साढ़े छः क्विंटल और 1 किसान की 25 क्विंटल सरसों की फसल सरकार द्वारा खरीदी जानी थी। इसके लिए इलाके मे अलग-अलग दिन तय किए गए थे।

किसानों ने अपने तय दिन के अनुसार एक एकड़ के हिसाब से साढ़े छः क्विंटल और ज्यादा से ज्यादा 25 क्विंटल सरसों बेच दी और बाकी सरसों की खरीद शनिवार को तय की जानी थी। इसी को लेकर बड़ी संख्या में किसान मंडी में आए थे, लेकिन सुबह से शाम हो गई। किसनों को मायूस होकर ही लौटना पड़ा।

अधिकारियों से जब इस बारे में पूछा गया तो वे एक दूसरे पर दोष मढ़ते नज़र आए। एक अधिकारी ने बताया कि वे डीसी के निर्देशानुसार ही काम कर रहे है, उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसल बची है वे परचेज़ ऐजेसियों को बेच सकते है। किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी फसलें नहीं बिकी तो वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। बहरहाल, सरसों की फसल बेचना किसानों के लिए बड़ी आफत बनी हुई है।

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