Advertisements

पूर्व सीएम भूपेनद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ राजकुमार सैनी का नामांकन करने का ढोंग राजनीतिक स्टंट



 Chandigarh,24April,2019 NewsRoots18
लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के अध्यक्ष राजकुमार सैनी ने काफी पहले भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को लोकसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। कांग्रेस ने पार्टी की साख बचाने के लिए अपने सबसे मजबूत उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे है। पूर्व सीएम भूपेनद्र सिंह हुड्डा को भी नामंकन के दो दिन पहले सोनीपत लोकसभा से चुनाव मैदान में उतारा दिया। नामांकन के आखरी दिन भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने अपना नामांकन दाखिला किया। नामांकन के अंतिम दिन राजकुमार सैनी भी सोनीपत से ही लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने पंहुचे लेकिन नामांकन के कागज पूरे ना होने के चलते वे नामांकन नहीं कर सके ऐसा राजकुमार सैनी ने मीडिया में कहा। सैनी ने कहा कि भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आने में देरी कर दी वे काफी समय से उनका इंतजार कर रहे थे।


ऐसे है राजकुमार सैनी का हुड्डा के खिलाफ नामांकन का ढोंग और राजनीतिक स्टंट
लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी नामांकन के अंतिम दिन तक अपना नामांकन पत्र आर ओ को जमा करवा सकते है। आर ओ किसी भी प्रत्याशी का नामांकन लेने से इंकार नहीं कर सकता चाहे उसके किसी भी कागज की कमी ही क्यों ना हो। नामांकन के बाद सभी प्रत्याशियों के फार्म की स्कूर्टनी होती है। स्कूर्टनी का समय निर्धारित होता है। स्कूर्टनी में ही कागज पत्रों की जांचा जाता है। जिसके बेस पर नामांकन रद्द किया जाता है। किसी भी प्रत्याशी के पास ये अधिकार होता है कि वह स्कूर्टनी के अंतिम समय तक अपने कागज पत्र पूरे कर सकता है। जैसा कि आज 11 बजे से 4 बजे तक हरियाणा की सभी 10 लोकसभा सीटों की स्कूर्टनी होनी है। अगर राजकुमार सैनी सही मायने में हुड्डा के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहते तो कल अपना नामांकन पत्र जमा करवा सकते थे और आज शाम 4 बजे तक अपने जरुरी कागज पूरे कर जमा करवा सकते थे।

क्या भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से डर गए राजकुमार सैनी 
ये बड़ा सवाल है और सही भी है क्या राजकुमार सैनी  भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से डर गए है। राजकुमार सैनी की चुनौती खोखली निकली, राजकुमार सैनी केवल राजनीति में हुड्डा को चुनौती देकर माइलेज लेना चाहते थे। ये सारे सवाल उठना लाजमी है क्योंकि मौजूदा सांसद को क्या नियमों की जानकारी नहीं थी, या फिर जानबूजकर सैनी ने नामांकन दाखिल नहीं किया और केवल नामांकन दाखिल करने का स्टंट किया। या सैनी ने ये सोचकर हुड्डा को चुनौती दी थी कि हुड्डा ने पिछले 15 साल से लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ा है और ना ही लड़ेंगे क्योंकि वे खुद को सीएम के दावेदार मानते है ऐसे में चुनौती देने में क्या जाता है। लेकिन सैनी को जरा भी इलम नहीं होगा कि कांग्रेस भूपेन्द्र सिंह हुड्डा लोकसभा का चुनाव लड़वा सकती है।  इस सारे घटनाक्रम से तो ऐसा ही लगता है कि भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के चुनाव मैदान में आते ही सैनी मैदान छौड़ भाग गए।

Post a Comment

0 Comments