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गर्मी में अंडा हुआ ठंडा, पोल्ट्री फार्म मालिकों की बढी मुश्किलें




 Chandigarh,24April,2019 NewsRoots18
अंडा सर्दी-गर्मी में गर्म ही रहता है, लेकिन इस बार गर्मी के मौसम में अंडा यकायक ठंडा हो गया है। अंडे की है ठंडक फार्मरों को रास नहीं आ रही है। दरअसल इन दिनों एक अंडे पर पोल्ट्री फार्मर को औसतन 60 पैसे का घाटा हो रहा है। मसलन अंडे की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। एक लाख अंडे के पोल्ट्री फार्मर को रोजाना 60 हजार का घाटा झेलना पड़ रहा है। इसी घाटे ने पोल्ट्री उद्योग की कमर तोड़ दी है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि अंडा अप्रैल के महीने में अपनी न्यूनतम दरों पर पहुंच गया है। इस वक्त अंडे का मंडी भाव 2 रुपए 70 पैसे प्रति अंडा है लेकिन पोल्ट्री फार्मरों को अंडे के खरीदार नहीं मिल रहे हैं। इसी वजह से व्यापारी अंडा 2 रुपए 50 पैसे तक खरीद रहे हैं। न ही उनके पास अंडे के स्टोरेज का कोई बंदोबस्त है। अंडा उत्पादक किसान अंडे औने-पौने भाव में बेचने को मजबूर हैं।

 इस वक्त खरीदार पोल्ट्री फार्मरों की मजबूरी का फायदा उठाकर अंडा ढाई रुपए के हिसाब से खरीद रहे हैं जबकि औसत लागत 3 रुपए 10 पैसे है, हालांकि दूसरे खर्चों को मिला कर 3 रुपए 15 पैसे से 3 रुपए 30 पैसे तक पहुंच जाती है। वही फीड के भाव भी आसमान को छू रहे हैं। इसकी वजह से पोल्ट्री फार्मरों का घाटा और ज्यादा बढ़ गया है। इस वक्त मंडियों में बाजरे के दाम 2250 रुपए प्रति कुंटल चल रहा है जबकि पिछले साल बाजरा के भाव 1400 रुपए क्विंटल थे। मक्का के दाम 2400 रुपए प्रति कुंटल है जबकि पिछले साल मक्की के दाम 1500 रुपए कुंतल था। डीओसी के दाम भी लगभग दोगुने हो गए हैं। इस वक्त डीओसी 750 रुपए क्विंटल बिक रहा था लेकिन अब 1400 रुपए के दाम हो गए हैं। ऐसे में लागत मूल्य बढ़ने और अंडे के दाम घटने से किसानों की कमर टूट गई है। यदि सरकार ने कोई दखल नहीं दिया तो पोल्ट्री फार्म उद्योग बर्बाद हो सकता है।

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