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सिलहरी बनी मुनाफे का मंत्, हरियाणा के किसान कमा रहे औषधीय फसल से अच्छा लाभ




Chandigarh,01May,2019 NewsRoots18

उत्तरी हरियाणा के खलिहानों में इन दिनों सिलहरी की महक किसानों को सुखद एहसास दे रही है। यह मिश्रित खेती का नायाब नमूना तो है ही साथ ही मुनाफे का मंत्र भी साबित हो रहा है। दरअसल सिलहरी औषधीय फसल है। इसे किसान मटर की खेती के साथ-साथ उगाते हैं। मटर की फसल के साथ यह पौधा बढ़ता जाता है और मटर की फसल खत्म होने के बाद बढ़वार लेता है। मई में सिलहरी की हार्वेस्टिंग का काम होगा। कुरुक्षेत्र जिले के अमीन गांव में सिलहरी की खेती बड़े पैमाने पर होती है। अमीन के अग्रणी किसान अश्वनी गोस्वामी बताते हैं कि सिलहरी औषधीय पौधा है। इसका इस्तेमाल दवाएं बनाने के लिए किया जाता है। सिलहरी कि दाम 6000 रुपए क्विंटल के आसपास रहते हैं और यह एक एकड़ में औसतन 6-8 क्विंटल की पैदावार देती है। अश्वनी गोस्वामी बताते हैं कि सिलहरी की मंडी लाडवा और अमृतसर में है। लेकिन बेचने में कोई दिक्कत नहीं आती है। इसकी सबसे बड़ी खूबी ये है कि एक बार सिलहरी उगाने के बाद इसकी दोबारा बिजाई नहीं करनी पड़ती। यह मटर की फ़सल में हर साल खुद ही उगने लगती है।

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