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पाक अधिकृत कश्मीर के लोग भी बनना चाहते हैं भारत का हिस्सा


 Kurukshetr
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में पहुंचे कश्मीरियों ने अनुच्छेद-370 व 35-ए के खत्म होने पर व्यक्त की अपनी राय

कश्मीरी शिल्पकार बोले, कश्मीर में बदल रहे हैं हालात, केंद्रशासित प्रदेश बनने से होगा कश्मीर का विकास
कई शिल्पकार बोले, इंटरनेट सेवाएं बंद होने से अपनों से टूटा हुआ संपर्क

कुरुक्षेत्र, 24 नवम्बर। बेशक अनुच्छेद-370 हटने के बाद सियासतदान मुखालफत कर रहे हों, लेकिन कश्मीर की आम आवाम इस फैसले से नाराज नहीं है। यही नहीं कश्मीर के बदलते हालात को देखते हुए पाक अधिकृत कश्मीर के लोग भी भारत का हिस्सा बनने को बेकरार हैं। बड़ी तेजी से लोगों का हृदय परिवर्तन हो रहा है और कश्मीर के हालात भी बदल रहे हैं। यह कहना है अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे कश्मीरी शिल्पकार तारीख व शबीर अहमद का। कश्मीरी शिल्पकारों ने हिन्दुस्थान समाचार के साथ कश्मीर से खत्म किए गए अनुच्छेद-370 व 35-ए पर खुलकर अपनी राय व्यक्त की और सरकार के फैसले का स्वागत किया। कश्मीरी शिल्पकारों ने खुले मन से सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अनुच्छेद-370 खत्म होने से न केवल कश्मीर के हालात बदल रहे हैं बल्कि पाक अधिकृत कश्मीर के लोग भी भारत का हिस्सा बनने को बेकरार हैं।
जिला बारामुला के रहने वाले शबीर अहमद व तारीख का कहना है कि वे कश्मीरी काहवा बेचने का काम करते हैं और ज्यादातर समय कश्मीर से बाहर ही रहते हैं। मगर पहले जब वे कश्मीर में जाते थे तो आतंकी घटनाओं व कश्मीर में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे आम बात थी। सरकार ने इसे रोकने के लिए प्रयास जरूर किए, लेकिन पत्थरबाज आड़े आ जाते थे। जब से अनुच्छेद-370 खत्म हुआ है तब से न तो पत्थरबाज दिखाई दिए हैं और न ही पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वाले सामने आए हैं। केवल राजनेता अपने स्वार्थ की राजनीति के चलते अनुच्छेद-370 का विरोध कर रहे हैं। कश्मीर की आम आवाम अनुच्छेद-370 खत्म करने के फैसले के हक में है, बल्कि पाक अधिकृत कश्मीर के लोग भी इस फैसले की सराहना कर रहे हैं।

पाक अधिकृत कश्मीर के लोग भी कर रहे फैसले की सराहना
कश्मीरी शिल्पकारों का कहना है कि जब वे पाक अधिकृत कश्मीर में अपने परिचितों से बातचीत करते हैं तो वे भी भारत सरकार द्वारा लिए गए फैसले की सराहना करते नहीं थकते, बल्कि उनका यह भी कहना है कि पीओके के लोग भी भारत का हिस्सा बनना चाहते हैं। कश्मीर में जिस तरह से हालात बदल रहे हैं और विकास की नई इबादत लिखी जा रही है, उसके पक्ष में पीओके लोग भी हैं।

इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से अपनों से टूटा संपर्क
कश्मीर से पहुंचे शिल्पकार उमर का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से उनका अपनों से संपर्क टूटा हुआ है। पिछले चार महीनों में अपने से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि उनका यह भी कहना था कि कश्मीर को लेकर सरकार ने जो फैसला लिया है, वह सराहनीय है। मगर सरकार को इंटरनेट सेवाएं पूर्ण रूप से बहाल करनी चाहिए, ताकि कश्मीर में हालात सामान्य हो सकें। 

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